अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन

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न्यूज़ डेस्क, दिल्ली। 22 सितम्बर 2020 को दिल्ली के जंतर मंतर पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति ने विशाल धरना व प्रदर्शन किया।

इस धरने की अध्यक्षता वज्रस्थ मैथिल इंजीनियर राजीव शर्मा ने की। धरने की मुख्य मांगे हैं :

1 पृथक मिथिला राज्य
2 संवैधानिक भाषा मैथली में प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा
3 मिथिला का सर्वांगीण विकास

धरने की त्वरित मांगें :

1 सुशांत सिंह राजपूत केस में अपराधियों को सजा
2 बाढ़ का स्थायी निदान
3 आईआईटी, आईआईएम की स्थापना
4 पलायन पर रोक के साथ रोज़गार
5 मैथिलि शिक्षक की बहाली
6 मिथिलाक्षर, लोककला व मिथिला पेंटिंग का संरक्षण एवं संवर्धन
7 मैथिलि भाषा में रेडियो तथा टीवी पर २४*७ प्रसारण

अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति के राष्ट्रिय अध्यक्ष बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू ‘ का कहना है ” मिथिला के सर्वांगीण विकास के लिए मिथिला राज्य ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने मिथिला मखान के जीआई टैग और दरभंगा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना पर बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया।

अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति के अंतर्राष्ट्रीय संयोजक प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार झा एवं राष्ट्रिय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी इंजीनियर शिशिर कुमार झा का मानना है कि “भाषायी, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, राजनैतिक आज़ादी के बिना मिथिला का विकास असंभव है।”

इस धरने में भूतपूर्व सांसद महाबल मिश्र, मजीद आरमम, दिवाकान्त आशा देवी, मदन कुमार झा, हनुमान झा, नंदन तपन झा, साजन झा, हीरालाल प्रधान, विजय झा आज़ाद, कवि विमल मिश्र, कृष्णा वेतिया, आचार्य संतोष झा, राजाराम दीक्षित झा उपस्थित रहे।

इस धरने का ज्ञापन हीरा लाल प्रधान के नेतृत्व में अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को सौंपा गया।

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