एशिया ही नहीं विश्व का सबसे अद्वितीय शिवलिंग – पृथ्वीनाथ मंदिर

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भौमेश्वर भगवान से पृथ्वीनाथ महादेव तक का वृतांत जग जाहिर है. हिन्दू धर्म की बात करें तो विश्व में इससे बड़ा शिवलिंग कहीं नहीं है. यहां के महंत हनुमंत लाल ने बताया कि यह नेपाल स्थित विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ महादेव से भी बड़ा शिवलिंग है जिसकी स्थापना द्वापर युग में पाण्डु पुत्र महाबली भीम ने भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर अज्ञातवास के दरमियां प्रायश्चित हेतु किया था. तब इस मंदिर का नाम भीमेश्वर महादेव था. उन्होंने बताया कि बाद में शिवलिंग धरातल में धंस गया और आधुनिक युग में राजा गुमान सिंह के अधिनस्थ यहीं के निवासी पृथ्वी सिंह को स्वप्न में यह मंदिर और शिवलिंग दिखाई दिया. तत्पश्चात राजा के निर्देश पर उस स्थान की खुदाई की गई तो सात खंडो का यह शिवलिंग मिला, इस शिवलिंग की पुनः विधि विधान से स्थापना की गई जो अब साढ़े पांच फ़ीट काळा कसौटे दुर्लभ पत्थरों से निर्मित और पुरातात्विक महत्त्व की जीवंत धरोहर है.


माना जाता है कि यह एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा शिवलिंग है जो अपनी आलौकिक कथाओं से विख्यात है. पुरातत्व विभाग कि धरोहर ऐसे ऐतिहासिक शिवलिंग के बारे में गूगल से द गिंनीस बुक ऑफ़ इंडिया तक अवलोकन किया जा सकता है. मुख्यालय गोण्डा अंतर्गत क़स्बा खरगपुर से तीन किलोमीटर यह मंदिर विश्व का एकमात्र सबसे ऊँचा बड़ा शिवलिंग है जो भारत को गौरवान्वित करता है.


मलमास, कजरी तीज, सोमवार, शुक्रवार और विशेषकर श्रावण मास में देश विदेश से श्रद्धालु महादेव के दर्शन को आते है. यहां से श्रावस्ती जनपद करीब होने से विदेशी पर्यटक भोलेनाथ के शिवलिंग को देखने व् स्पर्श करने हेतु आते हैं. महंत जी कि देखरेख में यह अद्वितीय शिवलिंग और विशाल मंदिर अद्भुत पवित्र और स्वच्छ रहता है.

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3 Comments

  1. oprol evorter
    September 24, 2019
  2. hell
    March 14, 2020
  3. Justin
    March 27, 2020

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